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| Type | Commercial Circular |
|---|---|
| Topic | general |
| संसद के किसी एक सदन अथवा सदनो के समक्ष रखे जाने वाले प्रशासनिक व अन्य प्रतिवेदन और राजकीय कागज पत्र | Administrative and other reports and official documents to be laid before a house or houses of parliament.
विभागीय परीक्षाओं के लिए उपयोगी राजभाषा नीति नियम संबंधी जानकारी : सौजन्य : राजभाषा विभाग अहमदाबाद मंडल पश्चिम रेलवे पश्चिम रेलवे - अहमदाबाद मंडल राजभाषा के संबंध में संवैधानिक प्रावधान भाग-5.अनुच्छेद 120-संसद में प्रयुक्त होने वाली भाषा । भाग-6-अनुच्छेद 210-विधान मंडल में प्रयुकत होने वाली भाषा । भाग-17-अनुच्छेद 343-संघ की राजभाषा , हिन्दी-लिपि देवानागरी । अनुच्छेद 344-राजभाषा के संबध में आयोग और संसद की समिति । अनुच्छेद 345-राज्य की राजभाषा या राजभाषाएं । अनुच्छेद 346-एक राज्य और दूसरे राज्य के बीच या किसी राज्य और संघ के बीच पत्रादि की भाषा । अनुच्छेद 347-किसी राज्य की जन संख्या के किसी भाग द्वारा बोली जाने वाली भाषा के संबंध में विशेष उपबंध । अनुच्छेद 348-उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों में अधिनियमों, विधेयकें आदि के लिए प्रयोग की जाने वाली भाषा । अनुच्छेद 349-भाषा से संबधित कुछ विधियाँ अधिनियमित करने के लिए विशेष प्रक्रिया । अनुच्छेद 350-व्यथा के निवारण के लिए अभ्यावेदन में प्रयोग की जाने वाली भाषा । अनुच्छेद 351-हिन्दी भाषा के विकास के लिए निर्देश :- हिन्दी भाषा की प्रचार वृद्धि करना उसका विकास करना ताकि यह भारत की सामासिक संस्कृति के सब तत्वों की अभिव्यकित का माध्यम हो सकें, तथा उसकी आत्मीयता में हस्तक्षेप किए बिना हिन्दुस्तानी और अष्टम अनुसूची में उल्लिखित अन्य भारतीय भाषाओं के रूप,शैली और पदावली को आत्मसात करते हुए तथा जहाँ आवश्यक या वाँछनीय हो वहाँ उसके शब्द भंडार के लिए मुख्यतः संस्कृत से तथा गौणतः अन्य भाषाओं से शब्द ग्रहण करते हुए उसकी समृध्धि सुनिश्चित करना संघ का कर्तव्य होगा । ARTICLE 351: It shall be the duty of the Union to promot the spread of the Hindi language, to develop it so that, it may serve as a medium of expression for all the elements of the composite culture of India and to secure its enrichment by assimilating without interfering with its genesis, the forms, style and expressions used in Hindustani and in the other languages of India, specified in eighth schedule and by drawing, wherever necessary or desirable, for its vocabulary, primarily on Sanskrit and secondarily on other languages राजभाषा अधिनियम 1963 की धारा 3(3) के अंतर्गत आने वाले कागज़ात राजभाषा अधिनियम 1963 को धारा 3(3) के अंतर्गत कुछ ऐसे कागज़ात सम्मिलित किए गए हैं,जिनको हिन्दी अंग्रेजी द्विभाषी रुप में जारी करना अनिवार्य है. राजभाषा अधिनियम 1963 (यथा संशोधित 1967) में 1 से लेकर 9 धाराएं है जिनमें धारा 3(3) अति महत्वपूर्ण है धारा 3(3) के तहत् ही द्विभाषिक दौर का सूत्रपात हुआ । राजभाषा अधिनियम 1963 की धारा 3(3) में की गई व्यवस्था के अनुसार निम्नलिखित सरकारी प्रयोजनों के लिए हिंदी व अंग्रेजी दोनों भाषाओं का प्रयोग किया जाएगा । | | | | --- | --- | | सामान्य आदेश. | General Orders | | अधिसूचनाएं | Notifications | | प्रेस विज्ञप्तियाँ / प्रेस नोट | Press Communiques/Press Notes | | संविदाएं | Contracts | | करार | Agreements | | लाइसेस | Licences | | परमिट | Permits | | टेन्डर फार्म और नोटिस | Tender Forms/Tender Notices | | संकल्प | Resolutions | | नियम | Rules | | प्रशासनिक या अन्य रिपोर्ट | Administrative &Other reports | | संसद के किसी एक सदन अथवा सदनो के समक्ष रखे जाने वाले प्रशासनिक व अन्य प्रतिवेदन और राजकीय कागज पत्र | Administrative and other reports and official documents to be laid before a house or houses of parliament. | महत्वपूर्ण :- 1. वर्तमान कानून के अनुसार, कोई भी अधिकारी उक्त दस्तावेजों को केवल एक भाषा में तैयार/निष्पादित/ जारी करने के लिये प्राधिकृत नहीं है । 2. उपयर्युक्त दस्तावेजों को हिन्दी-अंग्रेजी द्विभाषी रुप में एक साथ तैयार/निष्पादित/जारी करने की जिम्मेदारी ऐसे कागज़ातों पर हस्ताक्षर करने वाले अधिकारी की है । राजभाषा नियम -1976 राजभाषा हिंदी के प्रगामी प्रयोग के लिए सरकारी कार्यालयों, निगमों, कंपनियों आदि में इन्हें प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए केन्द्र सरकार ने 20 जून ,1976 को राजभाषा अधिनियम 1963 की धारा 8 में उल्लिखित शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित नियम बनाए गए : नियम 1. इन नियमों का विस्तार तमिलनाडू राज्य के सिवाय संपूर्ण भारत पर होगा और इन्हें राजभाषा नियम 1976 के नाम से जाना जाएगा. नियम 2. इन नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए पूरे भारत को भाषावार राज्य वर्गीकरण करते हुए तीन भागों में बाटा गया है. 1. क क्षेत्र - इन क्षेत्र में वे राज्य शामिल है जिनकी राजभाष
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