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| Type | Commercial Circular |
|---|---|
| Topic | claims |
| Official PDF | indianrailways.gov.in |
section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY (2) The Divisional Railway Manager, on receipt of the report, mentioned in sub-rule (3) of rule 9 shall
2378 GI/2020 (1) रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. NO. D. L.-33004/99 xxxGIDHxxx xxxGIDExxx असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—उप-खण् ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY रेल मंत्रालय (रेलवे बोडड) अजधसूचना नई दिल्ली 3 िून, 2020 सा.का.जन.346(अ).—केन्द रीय सरकार, रेल अजधजनयम, 1989 (1989 का 24) की धारा 129 और रेल यात्री (अनपेजित नाना क के अन्द वेषण ण की रीजत) जनयम, 2003 का अजधक्ांत करते हुए उन बातों के जसवाय जिन्द हें से अजधक्ांत करते हुए अजधक्मण से पहले दकया गया है या करने का लोप दकया गया है द्वारा प्रित् त िजत तयों का प्रयोग करते हुए जनम् नजलजखत जनयम बनाती है; अर्ाडत् :– 1 संजिप् त नाम और प्रारंभ :– (1) इन जनयमों का संजिप् त नाम रेल यात्री (अनपेजित नाना क के अन्द वेषण ण की रीजत) जनयम, 2020 है । (2) ये रािपत्र में प्रकािन की तारीख से प्रवृत् त हुए समें ें िाएंगे । 2 पररभाषण ाएं: – (1) इन जनयमों में िब तक दक संिभड से अन्द यर्ा अपेजित न हो ; (क) “अजधजनयम” से रेल अजधजनयम; 1989(1989 का 24) अजभप्रेत हैं ; (ख) “िावा अजधकरण” से रेल िावा अजधकरण अजधनयम; 1987 के अधीन गरित अजधकरण अजभप्रेत है ; (ग) “डायरी” से सी स्ट् ाेिन डायरी अजभप्रेत है िो स्ट् ाेिन पर नाी िैजनक नाना क को अजभजलजखत करने के जलए स्ट् ाेिन अधीिक द्वारा रखी िाती है; (न) “प्रभागीय कायाडलय” से आंचजलक रेल का प्रभागीय मुख् यालय अजभप्रेत है; सं. 267] नई दिल्ली, बृहस्ट् पजतवार, िून 4, 2020/ज् येष् ि 14, 1942 No. 267] NEW DELHI, THURSDAY, JUNE 4, 2020/JYAISHTHA 14, 1942 सी.जी.-डी.एल.-अ.-04062020-219729 CG-DL-E-04062020-219729 2 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] (ङ) “प्रभागीय रेल प्रबंधक” से प्रभागीय कायाडलय का प्रिासजनक भारसाधक या उनके द्वारा नाम जनिेजित अजतररत त प्रभागीय रेल प्रबंधक अजभप्रेत है; (च) “प्रभागीय सुरिा आयुत त” से कमांडेा पंजत त से अजनम् न पंजत त का सा अजधकारी िो दकसी प्रभाग या रेल से संबंन दकसी अन्द य स्ट्र्ान पर दकसी रेल स्ट् र्ापन का प्रधान है; अजभप्रेत है; (छ) “बल” से रेल संरिण बल अजभप्रेत है; (ि) “प्ररूप” से इन जनयमों से संलग् न प्ररूप अजभप्रेत है; (ें ) “समीिा ररपोाड” से पुजलस द्वारा तैयार की गई नाना के ब् यौरों से युत त ररपोाड अजभप्रेत है; (ञ) “िामा तलािी” से अनपेजित नाना से प्रभाजवत व् यजत त के दकसी मालअसबाब की वसूली के बारे में ररपोाड अजभप्रेत है; (ा) “बल के अजधकारी” से रेल संपजत् त (जवजध जवरूध क कब् िा) अजधजनयम; 1966 (1966 का 29) की धारा 2 के खंड (ग) और रेल अजधजनयम; 1989 (1989 का 2) की धारा 2 के खंड (26क) में यर्ा पररभाजषण त प्राजधकृत अजधकारी अजभप्रेत है; (ि) “पुजलस” से राज् य पुजलस अजभप्रेत है; (ड) “स्ट् ाेिन अधीिक” के अंतगडत उप स्ट् ाेिन अधीिक; स्ट् ाेिन मास्ट् ार और सहायक स्ट् ाेिन मास्ट् ार या स्ट् ाेिन का भारसाधक अन्द य अजधकारी अजभप्रेत है; (ढ) “अनपेजित धाना” से अजधजनयम की धारा 123 के खंड(ग) के अधीन पररभाजषण त कोई धाना अजभप्रेत है; और (ण) “ऑंचजलक रेल” से अजधजनयम की धारा 3 के अधीन गरित कोई आंचजलक रेल अजभप्रेत है; (2) उन िब् िों और पिों के; िो इसमें प्रयुत त है और पररभाजषण त नह है िंकंतु अजधजनयम में पररभाजषण त है; क्मि: वही अर्ड होंगे िो उनके अजधजनयम में है । (3) अनपेिजपत नाना के बारे में ररपोाड – कोई रेल सेवक, जिसके अंतगडत बल के सिस्ट् य, गाड़ी का गाडड और चालक भी हैं, अनपेिजपत नाना की िानकारी जमलने पर, जनकातम मास्ट् ार रेल स्ट् ाेिन अधीिक को तत् काल नाना की ररपोाड करेगा । (4) स्ट् ाेिन अधीिक, गाडड, संवाहक और गाड़ी का भारसानक गाड़ी राका परीिक के कतडव् य – (1) यदि स्ट् ाेिन पर कोई अनपेजित नाना नाती है तो संबंध स्ट् ाेिन अधीिक आहत याजत्रयेां की जचदकत् सीय सहायता के जलए तत् काल इंतिाम करेगा और सी नाना की ररपोाड नरात होने के चौबीस धंाे के भीतर प्ररूप-1 में प्रभागीय सुरिा आयुत त को िेगा । प्ररूप-1 (2) यदि सेत िन के म् य में कोई अनपेजित नाना नाती है तो संबंध गाड़ी का गाडड जनकातम स्ट् ाेिन के स्ट् ाेिन मास्ट् ार को सूजचत करेगा िो उप-जनयम (1) में जनर्िडष् ा कतव् यों को पालन करेगा । (3) यदि अनपेजित नाना में गाडड आहत हो िाता है तो संबंध गाड़ी का संवाहक जनकातम स्ट् ाेिन के स्ट् ाेिन अधीिक को सूजचत करेगा िो उप-जनयम (1) के जनर्िडषण ् ा कतडव् यों का पालन करेगा । (4) यदि गाडड और संवाहक िोनेां अनपेजित नाना में आहत हो िाते है तो भारसाधक गाड़ी राका परीिक संबंध गाड़ी का संवाह जनकातम स्ट् ाेिन के स्ट् ाेिन अधीिक को सूजचत करेगा िो उप-जनयम (1) के जनर्िडष्
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