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| Type | Commercial Circular |
|---|---|
| Topic | staff-establishment |
| Divisional Level | Workshop Level Members Committee SBF SBF Members nominated by nominated by nominated by (Adm. Side) (९0 DRM cwM Members recognized Trade | recognized Trade | recognized Trade | recognized Trade (Employee Unions — 3 each Unions — 2 each Unions — 2 each Unions — 2 each Side) AISCS 53 Pension Scheme on Railways and Updated issue as per Board’s letter No.
--- title: "Establishment Study Material 2025 — MDZRTI Udaipur" document_id: "mdzrti-establishment-book-2025" original_filename: "Establishment Book_Draft_2025.pdf" page_count: 168 encoding: "UTF-8" publication_status: "private ZRTI training material; verify current rules from later official instructions" source_url: "" --- Establishment Study Material 2025 — MDZRTI Udaipur - Source file: `Establishment Book_Draft_2025.pdf` - Repository status: private ZRTI training material; verify current rules from later official instructions - CommercialPedia handling: private source repository; page references are preserved for search and exam evidence. PDF Page 0001 अध्याय-0. रेलवे की ऐतिहासिक पृष्ठ भूमि विश्व की सबसे पहली रेलगाड़ी सन् 925 F इंग्लैंड में स्टॉकटन और डार्लिंगटन के बीच सफलतापूर्वक चलाई गई। इसके सिर्फ 28 वर्ष बाद ही भारत में i6 अप्रैल, i853 को बोरीबंदर (छत्रपति शिवाजी टर्मिनस) और थाना के बीच 34 किलोमीटर लम्बी पहली रेलवे लाइन यातायात के लिए चलाई गई। द्वितीय रेलगाड़ी हावड़ा से हुगली के बीच 5 अगस्त i854 को चलाई गई। भारत में पहले रेलें mete स्टर्लिंग कम्पनियों द्वारा निर्मित और संचालित की जाती थी, बाद में सन् 854-60 के दौरान भारत में रेलों का निर्माण ईस्ट इंडिया कम्पनी द्वारा या (i858 के बाद) भारत सचिव द्वारा ईस्ट इंडिया रेलवे कम्पनी, ग्रेट इंडियन पैनिनसुला रेलवे कम्पनी, मद्रास रेलवे कम्पनी, बम्बई बड़ौदा एण्ड सैण्ट्रल इंडिया रेलवे कम्पनी, सिंध रेलवे कम्पनी, Ret बंगाल रेलवे कम्पनी, ग्रेट सदर्न ऑफ इंडिया रेलवे कम्पनी और कलकत्ता और साउथ ईस्टर्न रेलवे कम्पनी को ठेके दिये गये। सन् (869 के बाद कई वर्षों तक रेलों पर पूंजीगत खर्च मुख्यतः सीधे सरकार द्वारा ही किया जाता रहा और छोटे मोटे लाइन विस्तार कार्यों के सिवाय किसी गांरटी वाली कंपनी के साथ कोई नई संविदा नहीं की गई। संचालक कंपनियों की संविदा यथा समय समाप्त कर दी गई और कंपनियों का प्रबंध निम्नलिखित तिथियों में सरकार द्वारा सीधे अपने हाथ में ले लिया गया :- aa. रेलवे का नाम सरकार दारा अपने हाथ में लेने की तिथि [os | [० | 5 अगस्त, 947 को स्वाधीनता की प्राप्ति और देश विभाजन से पूर्व देश में कई क्षेत्रीय रेलें थी इन पर रियासती अधिकार था। इनको सरकार ने अपने हाथ में निम्न तिथियों को लिया :- aa. | रेलवे का नाम री (मील) | सरकार द्वारा अपने हाथ में लेने की तिथि co ० [७ (0 स्थापना पाटूय सामग्री (|क्षे:रे.प्र.सं., उदयपुर) - 2025 श PDF Page 0002 रेलों का पुनर्गठन - सन् i944 में सभी प्रमुख भारतीय रेलों के राष्ट्रीकरण और फिर आगे भारतीय रियासतों की रेलों का भारतीय रेलों में एकीकरण किया गया। विभिन्न रेलवे प्रणालियों का पुनर्गठन निम्नानुसार किया गया - ०. दक्षिण रेलवे ०. मध्य रेलवे ०. पश्चिम रेलवे ०. पूर्व रेलवे ०. उत्तर रेलवे ०. पूर्वोत्तर रेलवे वर्तमान में रेल प्रणाली निम्नलिखित कोटियों के अंतर्गत आती है - ०. सरकार स्वामित्व तथा प्रबंध मे भारतीय रेलें ०. कंपनियों के स्वामित्व में, पंरतु सरकार द्वारा संचालित रेलें सांख्यिकीय वर्गीकरण के प्रयोजन के लिए, इन्हें कहा जाता है - ०. सरकारी रेलें ०. गैर सरकारी रेलें वर्तमान में गैर सरकारी रेलें जिन पर कंपनियों का स्वामित्व है पंरतु जो सरकार द्वारा संचालित की जाती है। वे इस प्रकार है - © अहमदपुर - कटवा रेलवे © बांकुरा - दामोदर नदी रेलवे उपरोक्त छः क्षेत्रीय रेलों का विस्तार किया गया और 2 अक्टूबर, 966 को इनकी संख्या बढ़कर नौ हो गई। पंचवर्षीय योजना से देश हुए विकास के कारण और कम्पनी के प्रबंध में रहने वाली कुछ रेलों को सरकार द्वारा अपने स्वामित्व में लेने के फलस्वरूप नौ क्षेत्रीय रेलों के मार्ग किलोमीटर में वृद्धि हुई । wa. रेलवे wa. रेलवे jou | | 6 | [8 | cma | 9 | [05 | | सन् 2003 में क्षेत्रीय रेलों का पुनः पुनर्गठन किया गया एवं निम्न सात नये जोन शामिल किए गए - aa. रेलवे | मुख्यालय | i ——= | जयपुर et I पश्चिम मध्य रेखे | जवतपुर | स्थापना पाटूय सामग्री (|क्षे:रे.प्र.सं., उदयपुर) - 2025 2 PDF Page 0003 वर्ष 20ii में कलकत्ता मेट्रो रेलवे एवं वर्ष 209 में दक्षिण तटीय रेलवे* (OSD posted) की स्थापना Sl इस प्रकार वर्तमान Fig क्षेत्रीय रेलवे अस्तित्व में है जिनमें कुल 70 मण्डल कार्यरत है जिनका विवरण निम्नलिखित है - क. रेलवे मुख्यालय जोन में शामिल मंडल सं. मुम्बई मुम्बई सी.एस टी एम. भुसावल, नागपुर, सोलापुर, | पूर्व रत setae रेतव 06 | ARE, पालघाट, मदुरई, तिरुचिरापल््ली, तिरुअनन्तपुरम, सेलम 08 | 09 | मुम्बई सेन्ट्रल, वडोदरा, रतलाम, राजकोट, भावनगर, अहमदा
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