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| Type | Commercial Circular |
|---|---|
| Topic | claims |
| Currency | Currency not verified |
section (i) (3) For double amputation through leg or thigh or amputation through leg or thigh on one side
रजिस्ट्री Ho Sto Ueto-33004/99 REGD. NO. D. L.-33004/99 HAitd ना राजपत्र Che Gazette of Gudia असाधारण EXTRAORDINARY भाग ग्--खण्ड 3--उप-खण्ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राधिकार से प्रकाशित PUBLISHED BY AUTHORITY सं. 877] नई दिल्ली, बृहस्पतिवार, दिसम्बर 22, 2016/पौष 1, 1938 No. 877] NEW DELHI, THURSDAY, DECEMBER 22, 2016/PAUSA 1, 1938 रेल मंत्रालय (रिलवे बोर्ड) अधिसूचना तई दिल्ली, 22 दिसम्बर, 2016 सा.का.नि.1165(अ).--केन्द्रीय सरकार, रेल अधिनियम, 1989 (1989 का 24) की धारा 129 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए रेल दुर्घटना और अनपेक्षित घटना (प्रतिकर) नियम,1990 का और संशोधन करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाती है, अर्थात््:- 1. संक्षिप्त नाम एवं प्रारंभ :- (1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम, रेल दुर्घटना और अनपेक्षित घटना (प्रतिकर) संशोधन नियम, 2016 है। (2) ये एक जनवरी, 2017 से प्रवृत्त होंगे। 2. रेल दुर्घटना और अनपेक्षित घटना (प्रतिकर) नियम, 1990 में (जिसे इसमें इसके पश्चात् उक्त नियम कहा गया है), नियम 3 में, - (i) उपनियम(2) में, "चार लाख रुपये", शब्दों के स्थान पर "आठ लाख रुपये" शब्द रखे जाएंगे। (i) उपनियम(3) के दूसरे परंतुक में "अस्सी हजार रुपये", शब्दों के स्थान पर "एक लाख साठ हजार रुपये” शब्द रखे जाएंगे। 3. उक्त नियमों के नियम 4 में, "चार लाख रुपये", शब्दों के स्थान पर "आठ लाख रुपये" शब्द रखे जाएंगे। 4. उक्त नियमों से उपाबद्ध अनुसूची के स्थान पर निम्नलिखित अनुसूची रखी जाएगी, अर्थात््:- 5863 GI/2016 2 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY अनुसूची (नियम 3 देखिए) मृत्यु और क्षति के लिए संदेय प्रतिकर की रकम भाग (1) मृत्यु के लिए भाग (2) (1) दोनों हाथों की हानि या उच्चतर साइडों पर विच्छेदन के लिए (2) हाथ और पांव की हानि के लिए (3) टांग या जांघ पर दोहरे विच्छेदन अथवा टांग या जांघ के एक ओर उससे विच्छेदन और अन्य पाद की क्षति के लिए (4) उस परिणाम तक दृष्टि की हानि के लिए जो दावेदार को कोई भी ऐसा कार्य करने के लिए असमर्थ बना देती है जिसके लिए दृष्टि का होना अनिवार्य है। (5) चेहरे की बहुत गंभीर विदूषिता के लिए (6) पूर्ण बधिरता के लिए भाग (3) (1) स्कंध संधि से विच्छेदन के लिए (2) स्कंध से नीचे विच्छेदन के लिए जबकि स्थूपक असंकुट के सिरे से 8 इंच से कम हो (3) असंकुट के सिरे से 8 इंच से असंकुट के सिरे के नीचे 4 % इंच से कम तक विच्छेदन के लिए (4) किसी हाथ या एक हाथ के अंगूठे और एक हाथ की चार अंगुलियों की हानि अथवा असंकुट के सिरे के नीचे 4 % इंच से कम तक विच्छेदन के लिए (5) अंगूठे की हानि के लिए (6) अंगूठे और उसकी काफिका हड्डी की हानि के लिए (7) एक हाथ की चार अंगुलियों की हानि के लिए (8) एक हाथ की तीन अंगुलियों की हानि के लिए (9) एक हाथ की दो अंगुलियों की हानि के लिए (10) अंगूठे की अंतिम अंगुलस्थि की हानि के लिए (11) दोनों पाद के विच्छेदन के लिए जिसके परिणाम अन्त्य बेयरिंग स्थूलक है (12) प्रपंवानुस्त्यस्थि संधि के निकट दोनों पादों से विच्छेदन के लिए (13) प्रपंवानुस्त्यस्थि संधि से दोनों पादों की सभी अंगुलियों की हानि के लिए [PART II—SEc. 3(4)] प्रतिकर की रकम (रुपये में) 8,00,000 8,00,000 8,00,000 8,00,000 8,00,000 8,00,000 8,00,000 7,20,000 6,40,000 5,60,000 4,80,000 2,40,000 3,20,000 4,00,000 2,40,000 1,60,000 1,60,000 7,20,000 6,40,000 3,20,000 [ भाग Wars 3(i)] भारत का राजपत्र : असाधारण (14) (15) (16) (17) (18) (19) (20) (21) (22) (23) (24) (25) (26) (27) (28) (29) (30) (31) (32) (33) (34) निकटस्थ अंतरायल्यस्थि संधि से निकट दोनों पादों की सभी अंगुलियों की हानि के लिए निकटस्थ अंतरायल्यस्थि संधि से दूर दोनों पादों की सभी अंगुलियों की हानि के लिए नितम्ब के नीचे विच्छेदन के लिए नितम्ब के नीचे विच्छेदन के लिए जबकि स्थूपक बड़े ट्रेवेन्टर के सिरे से मापित लम्बाई में 5 इंच से अधिक न हो नितम्ब के नीचे विच्छेदन के लिए जबकि स्थूपक बड़े ट्रेवेन्टर के सिरे से मापित लम्बाई में 5 इंच से अधिक हो किंतु मध्य उसके परे न हो मध्य जांघ के नीचे से घुटनों के नीचे 3 % इंच तक विच्छेदन के लिए घुटनों के नीचे विच्छेदन के लिए जबकि स्थूपक 3 % इंच से अधिक किंतु 5 इंच से अधिक न हो अपरहामन सहित रीढ़ की अस्थि-भंग घुटनों के नीचे विच्छेदन के लिए जबकि स्थूपक 5 इंच से अधिक हो एक नेत्र की हानि के लिए जबकि कोई अन्य जटिलताएं न हो और दूसरा नेत्र प्रसामान्य हो एक पाद के विच्छेदन के लिए जिसका परिणाम अंत्य बेरिंग है प्रपदामूल्यास्थि संधि के निकट से एक पाद के विच्छेदन के लिए अधराग धात के बिना रीढ़ का अस्थि-
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