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| Circular number | Commercial Circular No. 05 of 2017 |
|---|---|
| Date | 2017-01-10 |
| Type | VCRC archived Railway commercial circular / manual |
| Topic | nfr-eauction |
| Archive source | vcrc.in |
आवश्यक है। इस नीति का उद्देश्य भारतीय रेल cant आंतरिक और बाहरी विज्ञापन सहित
E QLHR/GOVERNMENT OF INDIA रेल AAeAa/MINISTRY OF RAILWAYS (रेलवे SYS/RAILWAY BOARD) सं.2017/एनएफआर/3/1 नई दिल्ली, दिनांक: 10/01/2017 महाप्रबंधक सभी भारतीय रेलें (2017 का वाणिज्यिक परिपत्र सं. 5) विषय: चल परिसंपतियों के जरिए विज्ञापन संबंधी नीति KKK भमिका =. >, जल लत माननीय रेल मंत्री ने अपने रेल बजट भाषण 2016-17 में यह घोषणा की थी कि “यद्यपि भारतीय रेल के साथ वास्ता रखने वाले व्यक्तियों की संख्या ज़्यादा है, तथापि हम किराए से इतर स्रोतों के जरिए 5% से भी कम राजस्व अर्जित करते हैं। विश्व की बहुत सी रेल प्रणालियाँ किराए से इतर स्रोतों से 10% से 20% राजस्व अर्जित करती हैं। अगले 5 वर्ष की अवधि में, हम परिसंपतियों का मौट्रीकरण करके और राजस्व उपार्जक अन्य कार्यों से इस विश्व औसत को हासिल करने का प्रयास करेंगे। भारतीय रेल के पास विशाल भौतिक आधारभूत संरचना है, जो विज्ञापन के जरिए वाणिज्यिक दोहन के लिए तैयार है। हम अपने स्टेशनों, गाड़ियों और बड़े स्टेशनों के बाहर रेलपथ के आस-पास की भूमि की विज्ञापन क्षमता के दोहन पर विशेष ध्यान केन्द्रित करने पर विचार कर रहे हैं। कुल मिलाकर, हमने विज्ञापन राजस्व को वर्तमान राजस्व से 4 गुना ज्यादा बढ़ाने का लक्ष्य रखा है।” उद्देश्य उक्त उल्लिखित घोषणा के अनुसार, 2016-17 में विज्ञापन से अर्जित राजस्व को बढ़ाने के लिए, भारतीय रेल की चल परिसंपतियों के जरिए विज्ञापन संबंधी एक नई नीति बनाना आवश्यक है। इस नीति का उद्देश्य भारतीय रेल cant आंतरिक और बाहरी विज्ञापन सहित E गाड़ी पैकेज प्रदान करने के लिए प्रस्ताव को सुगम बनाना है। इससे बड़े पैमाने पर किफायत का लाभ मिलेगा और विपणन में और अधिक लचीलापन आएगा, जिसके परिणामस्वरूप भारतीय रेल को अधिक आय प्राप्त होगी। निविदा के घटक *. लाइसेंसधारक को गाड़ियों के बाहर विनायल रैपिंग द्वारा विज्ञापन देने की अनुमति होगी, जो आरडीएसओ gant निर्धारित वर्तमान विशिष्टि के अनुसार होगी, जिसका विवरण “भारतीय रेल के सवारी डिब्बों पर फ्लीट ग्राफिक फिल्म” के लिए ड्राइंग सीजी-10076 सहित विशिष्टि सं. आरडीएसओ/2010/सीजी-08 में दिया गया है। e लाइसेंसधारक को रेल प्राधिकरणों द्वारा सवारी डिब्बों के अंदर निर्दिष्ट स्थानों पर 250 वर्ग फुट पर ही विज्ञापन देने की अनुमति होगी, जिनमें सुरक्षा और यात्री संबंधी अनुदेशों को कवर नहीं किया जाएगा। © वातानुकूलित डिब्बों की खिड़कियों पर भी विनायल् रैपिंग की अनुमति होगी, बशर्तें 70% दृश्यता हो। नॉन-एसी डिब्बों की खिड़कियों पर Parse रैपिंग की अनुमति नहीं होगी। e डिजिटल विज्ञापन की अनुमति नहीं होगी। *. लाइसेंस शुल्क 2 वर्ष के बाद प्रत्येक वर्ष 10% बढ़ेगा। *. लाइसेंस उसके जारी होने की तारीख से 5 (पाँच) वर्ष के fav दिया जाएगा। ठेके को 5 (पाँच) वर्ष के लिए और बढ़ाया जा सकता है बशर्ते कार्य निष्पादन संतोषजनक हो और लाइसेंसधारक, लाइसेंस करार के तहत अपनी दायिताओं का उल्लंघन नहीं कर रहा हो। लाइसेंसधारक ने लाइसेंस करार के तहत सभी भुगतान दायिताओं का अनुपालन किया हो। *. लाइसेंसधारक को प्रत्येक गाड़ी के fav विज्ञापन संबंधी योजना प्रस्तुत करनी होगी। *. भारतीय रेल, गाड़ी की विज्ञापन संबंधी योजना का मूल्यांकन साज-सज्जा, व्यवहार्यता, संरक्षा और सुरक्षा, उपयोग की गई सामग्रियों के मानकों और विशिष्टियों और उनके तकनीकी अथवा परिचालनिक दृष्टिकोण के आधार पर करेगा। रेलवे को विज्ञापन संबंधी योजनाओं के प्राप्त होने के 15 दिनों के भीतर इसी शर्त पर अपनी टिप्पणी देनी होगी। इसमें किसी प्रकार की शंका न हो, इसके लिए रेलवे द्वारा विज्ञापन संबंधी योजना के अनुमोदन में हुए किसी विलंब को स्वीकृति नहीं माना जाएगा। © आरएफपी दस्तावेज़ में विस्तृत अनुदेश और ठेका करार निहित होगा। ०. गाड़ियों की fanaa रैपिंग प्राथमिक अनुरक्षण बेस पर पड़ाव अवधि के दौरान की जाए। ०. गाड़ियों के नाम के आगे या पीछे कॉर्पोरेट ब्रांड का नाम नहीं जोड़ा जाएगा। = 3 Gi ° भारतीय रेल को अपरिवर्तनीय बैंक गारंटी के माध्यम से लाइसेंस अवधि के प्रत्येक वर्ष के 6 (छह) माह की लाइसेंस शुल्क के Wades मूल्य की सुरक्षा जमा राशि प्राप्त होगी। *. भारतीय रेल को लाइसेंस करार में दी गई पद्धति के अनुसार बराबर मासिक किश्तों में अग़िम में लाइसेंस शुल्क प्राप्त होगा। पैकेज का आकार ट्रेन ब्रैंडिंग पैकेज आकार की चरणबद्ध तरीके से बोली की पेशकश की जाएगी, जिन्हें निम्न श्रेणियों में रखा गया है: ०. राजधानी गाड़ियाँ *. शताब्दी, जन शताब्दी और डबल डेक्कर गाड़ियाँ ° उपनगरीय-ईएमयू-दिल्ली/मुंबई/कोलकाता/चेन्नई गाड़ियाँ *. सुपरफास्ट, एसी सुपरफास्ट(स्पेशल) और मेल/एक्सप्रेस गाड़ियाँ *. डीएमयू और मेमू गाड़ियाँ ° गरीब रथ गाड़ियाँ *. कोई अ
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