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Commercial Circular No. 04 of 2017 · 2017-01-10
Circularnfr-eauction
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Circular numberCommercial Circular No. 04 of 2017
Date2017-01-10
TypeVCRC archived Railway commercial circular / manual
Topicnfr-eauction
Archive sourcevcrc.in

Summary

क्षेत्रों, उपरि सड़क पुलों, निचले सड़क पुलों, WAIN फाटकों, रेलवे कॉलोनी, रेल कारखानों, रेल

Text of the circular

भारत ULHR/IGOVERNMENT OF INDIA रेल AATea/MINISTRY OF RAILWAYS रेलवे aig/RAILWAY BOARD

सं.2017/एनएफआर/1/1 नई दिल्ली, दिनांक 10/01/2017

महाप्रबंधक सभी भारतीय रेलें

(2017 का वाणिज्यिक परिपत्र सं.4)

विषय: आउट ऑफ होम विज्ञापन संबंधी Aa भूमिका:

माननीय रेल मंत्री ने रेल बजट 2016-17 के दौरान घोषणा की थी कि “यद्यपि भारतीय रेल के साथ वास्ता रखने वाले व्यक्तियों की संख्या ज़्यादा है, तथापि हम किराए से इतर स्रोतों के जरिए 5% से भी कम राजस्व अर्जित करते हैं। विश्व की बहुत सी रेल प्रणालियाँ किराए से इतर स्रोतों से 10% से 20% राजस्व अर्जित करती हैं। अगले 5 वर्ष की अवधि में, हम परिसंपत्तियों का मुद्रीकरण करके और राजस्व उपार्जक अन्य कार्यों से इस विश्व औसत को हासिल करने का प्रयास करेंगे।

भारतीय रेल के पास विशाल भौतिक आधारभूत संरचना है, जो विज्ञापन के जरिए वाणिज्यिक दोहन के लिए तैयार है। हम अपने स्टेशनों, गाड़ियों और बड़े स्टेशनों के बाहर रेलपथ के आस-पास की भूमि की विज्ञापन क्षमता के दोहन उठाने पर विशेष ध्यान केन्द्रित करने पर विचार कर रहे हैं। हम विज्ञापन राजस्व अर्जित करने के लिए, जहां तक संभव हो सकेगा अपने ग्राहक-इंटरफेसिंग परिसंपत्तियों का उपयोग करने का प्रयास करेंगे। कुल मिलाकर, हमने विज्ञापन राजस्व को वर्तमान राजस्व से 4 गुना ज्यादा बढ़ाने का लक्ष्य रखा है।”

उद्देश्य:

इस नीति का उद्देश्य है, स्टेशन क्षेत्र से इतर क्षेत्रों जैसे ए1-एफ श्रेणी के स्टेशनों के परिचलन क्षेत्रों, उपरि सड़क पुलों, निचले सड़क पुलों, WAIN फाटकों, रेलवे कॉलोनी, रेल कारखानों, रेल उत्पादन इकाइयों, रेलपथ के साथ-साथ रेल भूमि आदि की परिसंपत्तियों से विज्ञापन मुद्रीकरण में विभिन्न शर्तें निर्धारित करना है। |

as नीति की मुख्य विशेषताएं की मख्य विशेषताएँ:

०. विज्ञापन अधिकार इष्टिकोण:

> भारतीय रेल निम्नलिखित परिसंपत्तियों से विज्ञापन की पेशकश करेगी » चिह्नित साइट, वे लोकेशन हैं, जहां वर्तमान ठेके परिचालित (लि ". चिह्नित साइट किन्तु जहां वर्तमान मैं कोई ठेका परिचालित नहीं है » वे लोकेशन, जो रेलवे द्वारा न तो कभी आवंटित किए गए हैं और न ही चिहिनत किए गए हैं o लाइसेंसधारकों के पास अधिकार आधारित दृष्टिकोण होगा। चिहिनत साइट, जहां Yad द्वारा यथा संभव लोकेशन दिया जाएगा, से इतर कोई भी साइट अथवा उपलब्ध स्थान वर्ग फुट में प्रतिबद्ध न किया जाए। 5 अधिकार आधारित इष्टिकोण के आधार पर दिए गए लाइसेंस A भारतीय रेल द्वारा पैकेज में निर्दिष्ट क्षेत्रों और जो नकारात्मक सूची का भाग नहीं है, के विज्ञापन स्थानों पर सभी विज्ञापन परिसंपत्तियों के अधिकार शामिल होंगे।

© विज्ञापन परिसंपत्तियों की नकारात्मक सूची:

o नकारात्मक सूची में स्टेशन भवन क्षेत्र, स्टेशन भवन परिसर में स्थित रेलपथ भूमि/्षेतर, ऊपरी पैदल पुल (प्लेटफार्मों पर जाने के लिए), पूर्णतः प्रशासनिक कार्यालय, धरोहर इमारतें और अन्य प्रतिबंधित क्षेत्र शामिल हैं।

e पैकेज साइज़:

ठ प्रत्येक क्षेत्रीय रेलवे को बोली लगाने के लिए अलग-अलग विज्ञापन परिसंपत्ति पैकेज साइज़ की पेशकश की जाएगी, जिसमें मुंबई क्षेत्र शामिल नहीं है, जो मध्य और पश्चिम दोनों रेलों के लिए संयुक्त रूप से होगा। बहरहाल, रेलवे बोर्ड परिसंपत्तियों से राजस्व बढ़ाने के लिए विभिन्न क्षेत्रीय रेलों को एक ही पैकेज में मिला सकता है। पैकेजों में विभिन्न क्षेत्रीय रेलें शामिल होने पर भी, प्रत्येक क्षेत्रीय रेलवे के लिए अलग-अलग बोलीं की पेशकश की जाएगी और पैकेज के लिए प्राप्त उच्चतम बोली को लाइसेंस दिया जाएगा। संयुक्त पैकेज के मामले में भी प्रत्येक क्षेत्रीय रेलवे द्वारा करार पर अलग-अलग हस्ताक्षर किए जाएंगे।

e निविदा देने की प्रक्रिया:

o राइट्स लिमिटेड, पीएमएमईए के सहयोग से, उपलब्ध साइटों, जो परिचालन Ae अथवा चिहिनत की गई हैं किन्तु ठेके A नहीं है, के विवरण की पुष्टि करने के बाद

: tat की ओर से खुली बोली आमंत्रित करेगा। क्षेत्रीय रेलवे, राइट्स को सभी परिसंपत्तियों से प्राप्त अनुमानित आय की पुष्टि करेगा। राइट्स निविदा पैकेजों से अर्जित अनुमानित आय तय नहीं करेगा, जो क्षेत्रीय Tat द्वारा निर्धारित अनुमानित आय से कम होगी।

o बोली प्रक्रिया केवल आरोही ई-नीलामी पद्धति cant ही की जाएगी।

ठेके की अवधि:

o भारतीय रेल विज्ञापन ठेका 10 वर्ष की अवधि के लिए देगा।

असम्मति का अधिकार:

o लाइसेंसधारी को ठेका पूरा होने के पश्चात पहली असम्मति के अधिकार की पेशकश की जाएगी।

संवर्धन खंड:

o लाइसेंस शुल्क 2 वर्ष के बाद प्रति वर्ष 10% की दर से बढ़ेगा।

मौजूदा ठेकों का नवीकरण:

o भारतीय रेल विज्ञापन संबंधी परिसंपत्तियों के मूल्य को बढ़ाने के उद्देश्य से लाइसेंसधारी के मौजूदा ठेकों का नवीकरण करेगा। मौजूदा 

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